वर्तमान में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारक हैं। 2 फरवरी 2026 की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, कीमतों में इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. ‘ट्रंप कनेक्शन’ और टैरिफ में ढील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने बाजार का रुख बदल दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि वह यूरोपीय संघ (EU) के देशों पर प्रस्तावित 10% टैरिफ को अस्थायी रूप से टाल देंगे। इसके अलावा, ग्रीनलैंड को लेकर भी उनके रुख में नरमी आई है। इससे वैश्विक व्यापारिक तनाव कम हुआ है और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी को बेचना शुरू कर दिया है।
2. मजबूत अमेरिकी डॉलर इंडेक्स
अमेरिकी डॉलर कई हफ्तों के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत डॉलर से जुड़ी होती है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो दूसरी मुद्रा (जैसे रुपया) रखने वाले लोगों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है और कीमतें नीचे आती हैं।
3. भारी मुनाफावसूली (Profit Booking)
साल 2025 में सोने और चांदी ने ऐतिहासिक रिटर्न दिया था (सोना लगभग ₹1.80 लाख और चांदी ₹4 लाख के पार पहुंच गई थी)। इतनी बड़ी तेजी के बाद, बड़े निवेशक और ट्रेडर्स अब अपना मुनाफा भुना रहे हैं। बाजार में एक साथ हुई इस भारी बिकवाली ने कीमतों में “क्रैश” जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
4. शेयर बाजार में तेजी और फेड अध्यक्ष की नियुक्ति
जब वैश्विक शेयर बाजार मजबूत होते हैं और जोखिम लेने की क्षमता बढ़ती है, तो निवेशक सोने से पैसा निकालकर शेयरों में लगाते हैं। इसके अलावा, ट्रंप द्वारा केविन वॉर्श (Kevin Warsh) को अगले फेडरल रिजर्व चेयरमैन के रूप में नामित करने से बाजार को उम्मीद है कि ब्याज दरों में कटौती की गति धीमी हो सकती है, जो सोने के लिए नकारात्मक है।
आज की गिरावट पर एक नज़र (अनुमानित दरें):
- चांदी: एक ही दिन में लगभग ₹20,000 से ₹26,000 प्रति किलोग्राम तक सस्ती हुई है।
- सोना: इसमें भी प्रति 10 ग्राम लगभग ₹5,000 से ₹9,000 तक की बड़ी गिरावट देखी गई है।
विशेषज्ञों की राय: जानकारों का मानना है कि यह एक “करेक्शन” (Correction) है। यदि आप लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो इस तरह की गिरावट खरीदारी का एक अच्छा अवसर हो सकती है।