Skip to content

ज्ञान-विज्ञान

Menu
  • Home
  • Important helpline No.
  • Statewise Service
    • Uttar Pradesh
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Punjab
    • Delhi
    • Haryana
    • Kolkata
  • Goverment Service
    • Get Fund
    • Pincode
    • IFSC Code
  • Professional
  • Stock Market
  • Health Service
    • Diabetes-Doctor
    • Neurologist
    • Cardiologist
    • Cancer Specialist
    • Psychiatrists
  • Health
  • Dharma
  • Gyan-Vigyan
  • Make Money
  • USA
  • News
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
Menu
Tisri Ankh

तीसरी आंख किसे कहते हैं ?

Posted on February 9, 2026

सरल शब्दों में कहें तो, तीसरी आँख (Third Eye) कोई शारीरिक अंग नहीं है, बल्कि यह मनुष्य की ‘बोध’ या ‘समझ’ की चरम सीमा है। जहाँ हमारी दो आँखें “बाहर” का संसार देखती हैं, वहीं तीसरी आँख “भीतर” का और “सत्य” का दर्शन कराती है।

इसे हम तीन अलग-अलग दृष्टिकोणों से समझ सकते हैं:

1. आध्यात्मिक दृष्टिकोण (Spiritual View)

योग और तंत्र में इसे ‘आज्ञा चक्र’ (Ajna Chakra) कहा जाता है, जो दोनों भौंहों के बीच स्थित होता है।

  • जब इंसान की ऊर्जा मूलाधार (नीचे के चक्र) से उठकर यहाँ तक पहुँचती है, तो उसे वह दिखाई देने लगता है जो साधारण आँखों से ओझल है।
  • इसे ‘ज्ञान चक्षु’ भी कहते हैं। शिव की तीसरी आँख का खुलना असल में उनके क्रोध का नहीं, बल्कि उनके “परम विवेक” के जागने का प्रतीक है जिससे अज्ञान (कामदेव/मोह) जलकर राख हो जाता है।

2. वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Biological View)

मेडिकल साइंस में इसका संबंध मस्तिष्क के केंद्र में स्थित ‘पीनियल ग्रंथि’ (Pineal Gland) से जोड़ा जाता है।

  • यह ग्रंथि चावल के दाने जैसी होती है लेकिन इसकी बनावट आँखों के ‘रेटिना’ जैसी ही होती है।
  • यह प्रकाश के प्रति संवेदनशील होती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राचीन काल में यह ग्रंथि शायद शरीर के बाहर रही होगी, जो धीरे-धीरे मस्तिष्क के अंदर चली गई। इसे आज भी ‘Vestigial Eye’ या ‘तीसरी आँख का अवशेष’ माना जाता है।

3. मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण (Psychological View)

मनोविज्ञान में तीसरी आँख का मतलब है ‘Intuition’ (अंतर्ज्ञान)।

  • जब आपका मन पूरी तरह शांत और एकाग्र होता है, तो आप बिना किसी तर्क के चीजों की गहराई को समझ लेते हैं।
  • यह वह अवस्था है जहाँ आपका ‘चेतन’ (Conscious) और ‘अवचेतन’ (Subconscious) मन एक साथ मिल जाते हैं। आपको भविष्य की घटनाओं का आभास होने लगता है या आप लोगों के असली स्वभाव को उनके चेहरे के पीछे देख पाते हैं।

तीसरी आँख खुलने का वास्तविक अनुभव क्या है?

जब किसी की तीसरी आँख ‘सक्रिय’ होती है, तो उसे चमत्कार नहीं दिखते, बल्कि उसका जीवन बदल जाता है:

  • स्पष्टता (Clarity): उसे भ्रम या कंफ्यूजन नहीं रहता। वह सच को वैसा ही देखता है जैसा वह है।
  • साक्षी भाव (Detachment): वह अपने सुख-दुख और गुस्से को एक दूर खड़े दर्शक की तरह देख सकता है।
  • परमानंद: उसे बाहर की चीजों से खुशी माँगने की जरूरत नहीं पड़ती; वह भीतर से ही शांत महसूस करता है।

संक्षेप में: तीसरी आँख का मतलब है— “देखने के बजाय जानना।”

हमारी तीसरी आंख बंद क्यों है ?

तीसरी आँख (Third Eye) का बंद होना कोई शारीरिक बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारी चेतना (Consciousness) की गहरी नींद है। जिसे हम ‘तीसरी आँख’ कहते हैं, वह असल में हमारी अंतर्दृष्टि (Intuition) और आत्म-बोध की क्षमता है।

हर आदमी की तीसरी आँख बंद होने के पीछे कुछ ठोस मनोवैज्ञानिक और जैविक कारण हैं:

1. बाहरी जगत का शोर (External Distraction)

हमारी पाँचों इंद्रियाँ (आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा) हमेशा बाहर की तरफ खुली रहती हैं। हम पूरे समय बाहर की दुनिया को देखने, सुनने और भोगने में इतने व्यस्त हैं कि भीतर की सूक्ष्म दुनिया के लिए हमारे पास समय ही नहीं बचता। जब ऊर्जा हमेशा बाहर बहेगी, तो भीतर का केंद्र सुप्त (dormant) पड़ा रहेगा।

2. विचारों का जाल (Overactive Mind)

तीसरी आँख ‘मौन’ में खुलती है। लेकिन एक औसत मनुष्य के दिमाग में एक दिन में लगभग 60,000 विचार चलते हैं। यह मानसिक शोर एक घने कोहरे की तरह है जो हमारी स्पष्ट दृष्टि (Clarity) को धुंधला कर देता है। जब तक विचारों की लहरें शांत नहीं होतीं, नीचे छिपा सत्य दिखाई नहीं देता।

3. ‘पीनियल ग्रंथि’ का निष्क्रिय होना (Calcification of Pineal Gland)

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से, तीसरी आँख का संबंध मस्तिष्क की Pineal Gland से है।

  • आधुनिक जीवनशैली, अत्यधिक तनाव, और रसायनों (जैसे फ्लोराइड) के कारण यह ग्रंथि धीरे-धीरे निष्क्रिय या ‘कैलसिफाइड’ हो जाती है।
  • यह ग्रंथि मेलाटोनिन बनाती है जो हमारी नींद और जागरूकता के चक्र को नियंत्रित करती है। जब यह ठीक से काम नहीं करती, तो आध्यात्मिक अनुभव की क्षमता कम हो जाती है।

4. अस्तित्व की उत्तरजीविता (Survival Mode)

प्रकृति ने हमें जीवित रहने के लिए ‘दो आँखें’ दी हैं ताकि हम शिकार कर सकें, खाना ढूँढ सकें और खतरों से बच सकें। तीसरी आँख का संबंध ‘जीवन जीने’ से नहीं बल्कि ‘जीवन को जानने’ से है।

  • अधिकतर लोग पूरी जिंदगी केवल Survival Mode (रोटी, कपड़ा, मकान और डर) में बिता देते हैं। जब तक जीवन केवल जीने की लड़ाई है, तब तक तीसरी आँख खोलने की जरूरत ही महसूस नहीं होती।

तीसरी आँख खुलने का मतलब क्या है?

इसका मतलब यह नहीं है कि माथे के बीच में कोई मांस की आँख खुल जाएगी। इसका वास्तविक अर्थ है:

  • विवेक: सच और झूठ के बीच अंतर देख पाना।
  • साक्षी भाव: खुद के विचारों और भावनाओं को अलग होकर देख पाना।
  • पूर्वाभास: चीजों को उनके होने से पहले महसूस कर पाना।

इसे सक्रिय कैसे करें?

  1. त्राटक: किसी मोमबत्ती की लौ या बिंदु पर एकटक ध्यान लगाना।
  2. शून्य ध्यान: विचारों के बीच के खाली स्थान (Gap) को पकड़ने की कोशिश करना।
  3. मौन: दिन में कम से कम 15-20 मिनट पूरी तरह शांत बैठना, बिना किसी गैजेट या किताब के।

सच्चाई यह है: तीसरी आँख बंद नहीं है, बस हम उसे इस्तेमाल करना भूल गए हैं क्योंकि हमने “देखने” के लिए सिर्फ बाहरी आँखों पर भरोसा करना सीख लिया है।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • टेलीपैथी क्या है और यह कैसे काम करती है ? संकल्प शक्ति का रहस्य
  • घर बैठे एक्स्ट्रा अर्निंग के 19 बेहतरीन तरीके
  • जो नहीं दीखता उसी से सब होता है
  • गट बैक्टीरिया क्या हैं ?
  • प्राण शक्ति क्या है और वह कैसे काम करता है ?

Recent Comments

  1. Vijay on पढ़ो, कमाओ, शादी करो, बच्चे पालो और मर जाओ क्या यही जीवन है ?
  2. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  3. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  4. Vijay on संसार दुखालय क्यों है ?

Archives

  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025

Categories

  • Bihar
  • Cancer Specialist
  • Cardiologist
  • Delhi
  • Dharma
  • Diabetes Doctor
  • Get Fund
  • Government Service
  • Gyan-Vigyan
  • Haryana
  • Health
  • IFSC Code
  • Important Helpline No.
  • Kolkata
  • Maharashtra
  • Make Money
  • Neurologist
  • News
  • Pincode
  • Professional
  • Psychiatrists
  • Punjab
  • Stock Market
  • USA
  • Uttar Pradesh
©2026 ज्ञान-विज्ञान | Design: Newspaperly WordPress Theme