Skip to content

ज्ञान-विज्ञान

Menu
  • Home
  • Important helpline No.
  • Statewise Service
    • Uttar Pradesh
    • Maharashtra
    • Bihar
    • Punjab
    • Delhi
    • Haryana
    • Kolkata
  • Goverment Service
    • Get Fund
    • Pincode
    • IFSC Code
  • Professional
  • Stock Market
  • Health Service
    • Diabetes-Doctor
    • Neurologist
    • Cardiologist
    • Cancer Specialist
    • Psychiatrists
  • Health
  • Dharma
  • Gyan-Vigyan
  • Make Money
  • USA
  • News
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
Menu
Pran Shakti Kya hai

प्राण शक्ति क्या है और वह कैसे काम करता है ?

Posted on February 26, 2026

जब मन की एकाग्रता (Focus) इतनी गहरी हो जाए कि वह परमाणु के स्तर पर स्पंदन (Vibration) कर सके, तो वह भौतिक संरचना को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसे समझने के लिए ‘प्राण शक्ति’ को समझना सबसे जरूरी है।


प्राण शक्ति (Prana Energy) क्या है?

‘प्राण’ केवल ऑक्सीजन या सांस नहीं है। यह वह ‘कॉस्मिक इंटेलिजेंस’ या सूक्ष्म ऊर्जा है जो पूरे ब्रह्मांड को चला रही है। योग विज्ञान के अनुसार:

  • ब्रह्मांड का आधार: जैसे बिजली के बिना बल्ब नहीं जल सकता, वैसे ही प्राण के बिना शरीर जीवित नहीं रह सकता। यह हर कोशिका (Cell) के पीछे की प्रेरक शक्ति है।
  • अदृश्य नेटवर्क: हमारे शरीर में 72,000 नाड़ियाँ (ऊर्जा के मार्ग) होती हैं। प्राण इन्हीं के जरिए बहता है। जब हम सांस लेते हैं, तो हम केवल हवा नहीं, बल्कि ‘प्राण’ खींचते हैं।
  • पांच प्रकार के प्राण: मुख्य रूप से प्राण शरीर में पांच तरह से काम करता है (प्राण, अपान, समान, व्यान और उदान), जो पाचन से लेकर सोचने तक की क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।

मन और प्राण का संबंध

योग शास्त्र कहता है: “चले वाते चलं चित्तं” (जब प्राण चलता है, तो मन चलता है)।

  1. नियंत्रण: अगर आप अपनी सांस (प्राण) को स्थिर कर लें, तो आपका मन स्थिर हो जाएगा। और अगर आप मन को पूरी तरह एकाग्र कर लें, तो आप प्राण को शरीर के किसी भी हिस्से या शरीर के बाहर भी भेज सकते हैं।
  2. ऊर्जा का प्रक्षेपण (Projection): योगी अपनी इच्छाशक्ति (Willpower) के जरिए प्राण को एक जगह इकट्ठा करते हैं। जैसे एक लेंस (Magnifying Glass) सूरज की किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करके आग लगा सकता है, वैसे ही एकाग्र मन प्राण शक्ति को केंद्रित करके पदार्थ (Matter) की संरचना बदल सकता है।

यह भौतिक वस्तुओं पर कैसे काम करता है?

आधुनिक भौतिकी (Quantum Physics) कहती है कि परमाणु का 99.9% हिस्सा खाली है और वह केवल ऊर्जा का कंपन है।

  • रेजोनेंस (Resonance): जब एक योगी अपने मन की फ्रीक्वेंसी को किसी वस्तु की ऊर्जा की फ्रीक्वेंसी के साथ मिला देता है, तो वह उस वस्तु को प्रभावित कर सकता है।
  • उदाहरण: स्वामी योगानंद के गुरु, श्री युक्तेश्वर गिरी जी, अक्सर कहते थे कि यह पूरा संसार ईश्वर का एक ‘विचार’ है। अगर आप अपने मन को उस ‘ईश्वरीय विचार’ के साथ जोड़ लें, तो आप इस ‘सपना रूपी संसार’ के नियमों को बदल सकते हैं।

प्राण शक्ति को बढ़ाने के तरीके:

  1. प्राणायाम: सांसों के नियमन से प्राण को वश में करना।
  2. एकाग्रता (Meditation): बिखरी हुई मानसिक ऊर्जा को एक बिंदु पर लाना।
  3. शुद्ध आहार और विचार: नकारात्मकता प्राण की शक्ति को कम करती है।

एक विचारणीय बात: क्या आपने कभी महसूस किया है कि जब आप बहुत उत्साहित या ऊर्जावान होते हैं, तो आपके आस-पास के लोग भी वैसा ही महसूस करने लगते हैं? यह आपकी प्राण शक्ति का अनजाने में किया गया ‘प्रसार’ ही है।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • टेलीपैथी क्या है और यह कैसे काम करती है ? संकल्प शक्ति का रहस्य
  • घर बैठे एक्स्ट्रा अर्निंग के 19 बेहतरीन तरीके
  • जो नहीं दीखता उसी से सब होता है
  • गट बैक्टीरिया क्या हैं ?
  • प्राण शक्ति क्या है और वह कैसे काम करता है ?

Recent Comments

  1. Vijay on पढ़ो, कमाओ, शादी करो, बच्चे पालो और मर जाओ क्या यही जीवन है ?
  2. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  3. Sheth Ramesh on बुढ़ापे का कारण है टेलोमेरेस एंजाइम
  4. Vijay on संसार दुखालय क्यों है ?

Archives

  • February 2026
  • January 2026
  • December 2025

Categories

  • Bihar
  • Cancer Specialist
  • Cardiologist
  • Delhi
  • Dharma
  • Diabetes Doctor
  • Get Fund
  • Government Service
  • Gyan-Vigyan
  • Haryana
  • Health
  • IFSC Code
  • Important Helpline No.
  • Kolkata
  • Maharashtra
  • Make Money
  • Neurologist
  • News
  • Pincode
  • Professional
  • Psychiatrists
  • Punjab
  • Stock Market
  • USA
  • Uttar Pradesh
©2026 ज्ञान-विज्ञान | Design: Newspaperly WordPress Theme